इंजीनियरिंग का कबाड़ा क्यों?
राजएक्सप्रेस, भोपाल। छात्रों की अरुचि के चलते देशभर के दो सौ से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेजो ने खुद को बंद करने का आवेदन दिया है (Engineering Colleges Shut Down)। सवाल यह है कि ऐसी नौबत क्यों आई? क्या सिर्फ कॉलेजों को दोष देने से समस्या हल हो जाएगी बिल्कुल नहीं। इसके लिए सिस्टम भी जिम्मेदार है। एक समय था जब इंजीनियरिंग पढ़ने वाले छात्रों की संख्या काफी ज्यादा थी। वहीं अब इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है। कमी की वजह छात्रों की दिलचस्पी बताई जा रही है, जो धीरे-धीरे खत्म हो रही है, जिसकी वजह से 200 इंजीनियरिंग कॉलेज को बंद करने का फैसला लिया जा रहा है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के अनुसार करीब 200 इंजीनियरिंग कॉलेजों ने बंद करने के लिए आवेदन दिए हैं (Engineering colleges to shut down), जिसके बाद दूसरे और तीसरे दर्जे के ये इंजीनियरिंग कॉलेज अब किसी भी छात्र को एडमिशन नहीं दे सकते। देखा जाए, तो 200 कॉलेज के बंद हो जाने के बाद इंजीनियरिंग की सीटों में भी गिरावट आएगी। इस साल करीब 80 हजार सीटों में गिरावट आ सकती है। अनुमान है औ...

nice
ReplyDelete