2जी स्पेक्ट्रम मामले में सीबीआई के विशेष कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी कर फैसले को किया निहितार्थ
2जी स्पेक्ट्रम मामले में सीबीआई के विशेष कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने पर कांग्रेस ने जिस तरह का हमला केंद्र सरकार पर बोला है, वह स्वाभाविक है। आखिर इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों का दंश वह आज तक झेल रही है। तो कोर्ट के फैसले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करेगी ही। कांग्रेस ने तत्कालीन कैग विनोद राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने 2010 में अपनी रिपोर्ट में इसमें एक लाख 76 हजार की क्षति का आकलन किया था। उसके बाद ही यह मामला राजनीतिक टकराव का कारण बना था। वैसे भी जिसे उस समय तक आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला कहा गया उस मामले में कोर्ट का ऐसा फैसला हैरत में डालता ही है। इससे लोगों के अंदर भी संदेश गया है कि आरोप गलत थे और 2जी मामले में कोई घोटाला हुआ ही नहीं। कांग्रेस व ऐसे दल जिन पर आरोप थे वे यही संदेश फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु क्या यही सच है? सवाल यह भी क्या वाकई न्यायालय ने मान लिया है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कोई भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है? क्या उसने यह कहा है कि जितने और जिनको लाइसेंस दिए गए वे नियमों के अनुरूप थे तथा भुगतान की दर सही थी...