म्यांमार सीमा से लगे क्षेत्रों में बड़ी सैन्य कार्रवाई से प्राप्त हुआ लक्ष्य
भारतीय सेना ने एक बार फिर से म्यांमार सीमा से लगे क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की है। ऐसी कार्रवाई देश का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। ध्यान रखिए, इस कार्रवाई के एक दिन पहले थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही उसको निशाना बनाते हुए कहा था कि जरूरत हुई तो फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की जाएगी। सेना प्रमुख ने आतंकवादियों के बारे में कहा था कि हम उनका इंतजार कर रहे हैं। वे आएं और उनको ढाई गज जमीन के अंदर डाल देने के लिए हम तैयार हैं। हालांकि, यह पूरा बयान कश्मीर के संदर्भ में था किंतु इसके अगले दिन यांमार सीमा पर कार्रवाई की खबरें आ गईं, इसीलिए इसे तुरंत सर्जिकल स्ट्राइक मान लिया गया था। यह कैसी कार्रवाई थी इसके बारे में केवल सेना ही बता सकती है और अब सेना कह रही है कि उसने म्यांमार में सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की है तो हमें इस स्वीकार करना चाहिए। वैसे भी नाम में क्या रखा है। मूल बात है, लक्ष्य हासिल करना। इस समय भारत का लक्ष्य चाहे जमू कश्मीर में हो या पूवरेर में, वह है आतंकियों और उग्रवादियों की कमर तोड़ देना। उसके लिए सरकार की ओर से उन्हें पूरी छूट है और इसके परिणा...