तो क्यों आए कर्नाटक में ऐसे परिणाम
राजएक्सप्रेस,भोपाल। कर्नाटक चुनाव के परिणाम (Karnataka Election Results)आ गए हैं और अब सरकार बनाने की कवायद तेज है। लेकिन राज्य के परिणाम पर नजर डालें, तो कांग्रेस शुरू से ही भाजपा की रणनीति के आगे टिकती नहीं दिख रही थी। सिद्धारामैया की नीति के चलते प्रदेश के कांग्रेस नेता पहले से ही दूरी बनाकर चल रहे थे, तो कांग्रेस द्वारा बनाए गए सामाजिक समीकरणों की काट भाजपा ढूंढ लाई। कुल मिलाकर, कांग्रेस एक बार भी लड़ाई में नहीं दिखी। कर्नाटक चुनाव परिणाम के हम कई निष्कर्ष निकाल सकते हैं। मसलन, कांग्रेस इसमें बुरी तरह पराजित हुई। अकेले बहुमत से वंचित रहने के बावजूद भाजपा ने बहुत ही बेहतर प्रदर्शन किया तथा जेडीएस ने अपेक्षा से बेहतर सफलताएं पाईं। जब सिद्धारामैया ने यह बयान दिया कि यदि पार्टी किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाती है तो वे अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार हैं तब लोगों को समझते देर नहीं लगी कि उनको विधानसभा चुनाव परिणामों का आभास हो चुका है। वास्तव में 2013 में कांग्रेस को विजय मिली तो इसका मुख्य कारण भाजपा से लोगों की निराशा थी। भाजपा को 2008 में जिन उम्मीदों से लोगों ने मत दिया उस कसौटी...