Posts

Showing posts with the label America

अवसर मिलने में गोरे रंग की भूमिका, लेकिन अब इस जटिल समस्या से बाहर आना जरूरत बन गई

Image
अमेरिका-यूरोप में एक समय में रंग भेद अपने चरम पर था। वहां अफ्रीकी देशों से काले रंग के लोगों को गुलामी करने के लिए लाया जाता था। उन्हें तरह-तरह की प्रताड़नाएं दी जाती थीं, पशुओं की तरह मारा-पीटा जाता और बाकायदा बाजार में खड़ा कर के नीलाम किया जाता था, लेकिन अब सैद्धांतिक तौर पर वहां से रंग भेद लगभग खत्म हो चुका है। यह भी माना जाता है कि भारत में रंग भेद है ही नहीं, लेकिन यह बात सच नहीं है। वास्तविकता तो यह है कि हमारे समाज में हमेशा से रंग भेद रहा है और यह भेद अब भी कायम है, पर हम और हमारा समाज इस सच को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है, जबकि विज्ञापन की दुनिया से लेकर सिनेमा, सियासत, मॉडलिंग के क्षेत्र में काबिलियत के बजाय गोरे रंग को अब भी अत्याधिक महत्व दिया जाता है। विज्ञापन की दुनिया में चाहे प्रिंट हो या फिर टीवी दोनों में गोरी महिलाओं को ही प्रमुखता दी जाती है। आपको अभिनेत्री यामी गौतम का विज्ञापन तो याद ही होगा, जिसमें वह मात्र कुछ ही दिनों में क्रीम से गोरा होने की बात कहती हैं। वहीं यह विज्ञापन भी उनके जैसे गोरे रंग वाली अभिनेत्री से ही कराया जाता है, लेकिन चर्चा केव...

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जारी जंग तीसरे विश्व युद्ध की आहट

Image
उत्तर कोरिया के उस दावे को अमेरिका ने भले ही खारिज कर दिया हो, जिसमें उसने ट्रंप प्रशासन पर युद्ध शुरू करने की बात कही थी, मगर इस बात को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अपने मिसाइल कार्यक्रम के जरिए पूरे विश्व के लिए मुसीबत बना उत्तर कोरिया आरोप लगा रहा है कि अमेरिका ने उस पर युद्ध का ऐलान कर दिया है, तो मान लेना चाहिए कि वह जंग के लिए उधार बैठा है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर उनके देश के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने का आरोप लगाया है। हो सोमवार न्यूयार्क में थे। हो ने कहा कि प्योंगयांग अमेरिकी बमवर्षक विमानों को मार गिराकर अपनी रक्षा करने के लिए तैयार है। पूरी दुनिया को स्पष्ट रूप से याद रखना चाहिए कि पहले अमेरिका ने हमारे देश के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया का अमेरिका के साथ राजनयिक संबंध नहीं है। हो न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक महासभा सत्र में शामिल होने गए थे। हालांकि, अमेरिका की ओर से युद्ध की घोषणा करने संबंधी किए गए दावों को खारिज किया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने क...

दुनिया की ताकतवर महाशक्ति घेरे में, अमेरिकी धरती से उसी पर निशाना

Image
अमेरिका चाहे कितना भी लोकतांत्रिक क्यों न हो, लेकिन हम सामान्य अमेरिकी नागरिकों को छोड़ दें, तो वह अपनी धरती से किसी विदेशी नेता को अपनी आलोचना करने का मौका शायद कभी नहीं देता। हां, न्यूयॉर्क का संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय अपवाद हो सकता है। पर नरेंद्र मोदी ने जिस तरह वाशिंगटन में भारतीयों को संबोधित करते हुए अमेरिका पर भी सवाल उठाया है, उससे वैश्विक राजनीति में भारत और भारतीयता की धमक का ही परिचय मिलता है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका को सीधे निशाने पर नहीं लिया, लेकिन चीन के बहाने दुनिया की सबसे ताकतवर महाशक्ति को घेरे में जरूर ले लिया। उन्होंने चीन की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत वैश्विक नियमों का पालन करता है, क्योंकि हमारी यही परंपरा है। मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक नियमों का उल्लंघन करके अपने लक्ष्यों को पूरा करने पर भरोसा नहीं करता है। यह कहकर उन्होंने हिंद महासागर में चीन की बढ़ती दादागीरी की ओर जहां दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है, वहीं उन्होंने जलवायु परिवर्तन को लेकर हुए पेरिस सम्मेलन से पीछे हटने के ट्रंप के फैसले पर भी सवाल उठाया है। यहां ध्यान देने योग्य तथ्य यह भी है क...