हर एक दिल में है, इस ईद की खुशी
राजएक्सप्रेस, भोपाल। आज ईद (Id-Ul-Fitr) का पर्व है। यह पर्व आपसी भाईचारे के साथ रहने और एक-दूसरे में प्रेम का भाव जागृत करने का जरिया है। कुरान में कही गई बातों पर अमल करके न सिर्फ हम समाज को नई दिशा दे सकते हैं, बल्कि इंसानियत को भी जिंदा रख सकते हैं। ईद का पर्व जो संदेश देता है, वह किसी एक धर्म या फिर मजहब के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए है। यह हम सभी का दायित्व है कि इस दिन कुरान में कही गई बातों पर अमल करें। दुनिया भर के मुसलमानों के लिए ईद-उल-फितर(Id-Ul-Fitr) की बेहद अहमियत है। यह त्यौहार इस्लाम के अनुयायियों के लिए एक अलग ही खुशी लेकर आता है। ईद के शाब्दिक मायने ही ‘बहुत खुशी का दिन’ है। ईद का चांद आसमां में नजर आते ही माहौल में एक गजब का उल्लास छा जाता है। हर तरफ रौनक ही रौनक अफरोज हो जाती है। चारों तरफ मोहब्बत ही मोहब्बत नजर आती है। एक मुकद्दस खुशी से दमकते सभी चेहरे इंसानियत का पैगाम माहौल में फैला देते हैं। शायर मोहम्मद असदुल्लाह ईद की कैफियत कुछ यूं बयां करते हैं, ‘महक उठी है फजा पैरहन की खुशबू से/चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है।’ कुरान के मुताबिक प...