तमिलनाडु में त्रिपुरा दोहरा पाएगी भाजपा
त्रिपुरा में वामदलों का किला ढहाने के बाद भाजपा की नजर अब तमिलनाडु के साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर है। तमिलनाडु में भाजपा की संभावना इसलिए भी बन रही है, क्योंकि पिछले चुनाव में त्रिपुरा में वोट प्रतिशत 1.5 प्रतिशत था, जबकि तमिलनाडु में वोट प्रतिशत तीन रहा है। इस नजरिए से देखें, तो भाजपा के लिए संभावनाएं हैं। वैसे इस राज्य में अब चार क्षेत्रीय दल हैं, जिनके साथ जाने की कोशिश कांग्रेस भी करेगी। देखना है कि राजनीति क्या करवट लेगी। क्या तमिलनाडु में कमल खिल सकता है? यह एक ऐसा सवाल है, जो पिछले कुछ दिनों से सभी के दिमाग में है। खासकर उत्तर पूर्वी राज्यों में भाजपा की बंपर जीत के बाद इससे जुड़े कयास तेज हो गए हैं। त्रिपुरा जैसे राज्य में पार्टी की जीत ज्यादा बड़ी इसलिए भी है क्योंकि यह हमेशा लाल गढ़ के रूप में देखा जाता रहा है और पिछले 25 साल से यहां कम्युनिस्ट सरकार बनती रही है। आज से पांच साल पहले अगर इस परिणाम की चर्चा भी होती तो लोग इसे हंसी में उड़ा देते क्योंकि पिछले चुनाव में भाजपा का वोट शेयर महज 1.5 प्रतिशत रहा था। अगर इसके बावजूद भी भाजपा यहां अपनी सरकार बंपर वोटों से बना सक...