आतंक के विरुद्ध एकजुट होते मुस्लिम
राजएक्सप्रेस,भोपाल। आतंकवाद को लेकर लगातार बदनाम किए जा रहे मुस्लिम समाज ने अब खुद को साबित करने का उपक्रम शुरू किया है (Muslim Society against Terrorism)। कुछ दिनों पहले हैदराबाद की मक्का मस्जिद में ईरान के राष्ट्रपति के साथ शिया और सुन्नी संप्रदाय के लोगों द्वारा नमाज अदा करने के बाद अब लखनऊ में यह दोहराया गया। शिया और सुन्नी में चल रहे विवाद का फायदा उठाकर ही आतंकी संगठन मुस्लिमों को बांटने का प्रयास करते रहे हैं, पर अब दोनों समुदाय एकजुटता की राह पर चलने को तैयार हैं। इंडोनेशिया तथा पाकिस्तान के बाद भारत पूरी दुनिया में मुस्लिम जनसंख्या वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है। दुनिया में आतंकवाद का व्यापार चलाने वाले कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बुरी नजरें भारत की ओर भी पड़ती रहती हैं। यह शक्तियां कभी छह दिसंबर 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस की याद दिलाकर, कभी कश्मीर में आतंकवादियों के विरुद्ध हो रही सैन्य कार्रवाई के नाम पर तो कभी साल 2002 के गुजरात दंगों पर आधारित हिंसक वीडियो दिखाकर भारतीय मुसलमानों को बरगलाने की कोशिश में लगी रहती हैं। कभी-कभी ऐसे समाचार भी सुनने को मिलते हैं, कि आत...