कर्नाटक में दिखेगी दिलचस्प जंग
राजएक्सप्रेस, भोपाल। कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Assembly Elections Karnataka)भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए करो या मरो की सियासी जंग है। इसके नतीजे का प्रभाव दोनों दलों के लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर पड़ेगा। कांग्रेस हारी तो वह न सिर्फ अंतिम बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य गंवा देगी, बल्कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष को खुद के नेतृत्व में एकजुट करने की मुहिम पर पानी फिरेगा। भाजपा नाकाम रही तो राहुल गांधी का बढ़ा सियासी कद परेशानी खड़ी करेगा। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections Karnataka) की घोषणा हो गई है। 12 मई को वोटिंग होनी है, जबकि परिणाम 15 मई को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिहाज से अहम समझा जा रहा है। 2014 के बाद से लगातार भाजपा से मुकाबले में हार रही कांग्रेस किसी भी कीमत पर यह चुनाव जीतना चाहती है। हाल में कांग्रेस के महाधिवेशन में सोनिया गांधी ने कर्नाटक चुनाव की तुलना 1978 में चिकमंगलूर लोकसभा उपचुनाव में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को मिली जीत से की थी। कांग्रेस को उम्मीद है कि सूबे की जीत उसे 1978 की तरह ही संजीवनी देगी। वहीं, भाजपा के लिए भी यह ...