Posts

Showing posts with the label Social engineering

सामाजिक न्याय अब राजनीतिक विचार नहीं,न्याय चेतना का प्रश्न

Image
संसदीय व्यवस्था में कल्याणकारी राज्य का अर्थ सत्ता के लिए बहुमत बनाने वाले वोटरों को संतुष्ट करने के इर्द-गिर्द केंद्रित होकर रह जाता है। देश की राजनीतिक प्रक्रिया में एक बुनियादी बदलाव तब आया था, जब केंद्र में विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने संविधान में उल्लेखित सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़े वर्गो को सरकारी नौकरियों में विशेष अवसर यानी आरक्षण देने का फैसला किया था। संसदीय राजनीति में यह फैसला सामाजिक न्याय के नाम से जाना गया। यह वह दौर था, जब पूरी संसदीय राजनीति में हिंदू धर्म की वर्ण व्यवस्था पर आधारित समाज के सबसे निचले हिस्से को अपना वोट बनाकर स्वयं से जोड़ने का प्रयास शुरु हुआ। इस प्रयास को ही सोशल इंजीनियरिंग के नाम से जाना गया। हिंदुत्ववादी संगठन राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ और उसकी संसदीय पार्टी भाजपा ने भी इस सोशल इंजीनियरिंग की अनिवार्यता महसूस की। यह विश्वनाथ प्रताप सिंह द्वारा शुरू की गई सामाजिक न्याय की राजनीति का ही असर था कि सभी को सोशल इंजीनियरिंग की जरूरत महसूस हुई। इसके कारण सामाजिक न्याय ने सत्ता में हिस्सेदारी के सवाल पर संसदीय राजनीति को प्रभावित तो किया, मगर वि...