अब स्मार्टफोन कर रहा है बीमार
राजएक्सप्रेस, भोपाल। शुरू में मोबाइल फोन (Smartphone)सिर्फ फोन था, लेकिन अब यह इतना स्मार्ट हो चुका है कि हम पूरी दुनिया मुट्ठी में लेकर चलने लगे हैं। मगर इसका दूसरा खतरनाक पहलू भी है, खासतौर से बच्चों और नौजवानों के लिए मोबाइल ने एक घातक लत का रूप ले लिया है। देश के बीस केंद्रीय विश्वविद्यालयों में किए गए इस अध्ययन का निचोड़ यह है कि जिस तेजी से स्मार्टफोन (Smartphone) पर निर्भरता बढ़ती जा रही है, वह स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिहाज से एक खतरनाक संकेत है। शुरू में मोबाइल फोन सिर्फ फोन था, लेकिन अब यह इतना स्मार्ट हो चुका है कि हम पूरी दुनिया मुट्ठी में लेकर चलने लगे हैं। पर इसका दूसरा पहलू भी है, खासतौर से बच्चों और नौजवानों के लिए मोबाइल ने एक लत का रूप ले लिया है। छात्रों और बच्चों के संदर्भ में जो तथ्य आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। हाल में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के एक साझा अध्ययन में पता चला कि कालेज-छात्र एक दिन में डेढ़ सौ से ज्यादा बार अपना स्मार्टफोन देखते हैं। 23 फीसद छात्रों का कहना था कि वे रोजाना आठ घंटे से ज्यादा मोबाइल फो...