सस्ते कर्ज की राह फिर हुई कठिन
राजएक्सप्रेस,भोपाल। (RBI Bi-Monthly Monetary Review) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक बार फिर से आम आदमी को मायूस करते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। अब केंद्र सरकार व शीर्ष बैंक दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएं, ताकि आम आदमी को राहत मिले। जो अनुमान लगाया गया था, वह सही साबित हुआ। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गुरुवार को एक बार फिर से आम आदमी को मायूस करते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रिजर्व बैंक की बैठक में एक के मुकाबले पांच वोट से ब्याज दरों को यथावत रखने के फैसले को मंजूर कर लिया गया। हालांकि, एक तरफ जहां पूरे देश की इस पर नजर थी, वहीं जानकारों का मानना था कि नीतिगत दरों में बदलाव की गुंजाइश कम है। उर्जित पटेल के नेतृत्व में हुई नए वित्त वर्ष 2018-19 की इस पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में आरबीआई के इस फैसले के बाद रेपो रेट जहां छह प्रतिशत पर बनी रहेगी, वहीं रिवर्स रेपो रेट 5.75 प्रतिशत पर बनी रहेगी। रिजर्व बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में महंगाई दर का अनुमान घटाकर 4.7 फीसदी से 5.1 फीसदी कर दिया है। पहले महंगाई दर 5.1 फी...