स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट
राजएक्सप्रेस, भोपाल। सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा (Plight of Government Hospitals) का एक और नमूना सामने आया है। कानपुर के सबसे बड़े अस्पताल के आईसीयू का एसी खराब होने से पांच मरीजों की मौत हो गई। मगर जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति देश की बदतर स्वास्थ्य सेवा को इंगित करती है। यह समस्या इसलिए है, क्योंकि कोई भी जवाबदारी लेने को तैयार नहीं है। मगर अब इस परिपाटी को खत्म करना होगा और अस्पतालों को मरीजों के जीने लायक बनाना होगा। बीमारी से निजात पाने अस्पताल जा रहे मरीजों की जान कब लापरवाही लील ले, किसी को पता नहीं। देश के अस्पतालों में एक के बाद एक किस्से सामने आ रहे हैं, मगर हर कोई बदइंतजामी के सामने बौना नजर आ रहा है। अब कानपुर के सबसे बड़े अस्पताल में एसी खराब होने से पांच मरीजों की मौत हो गई। ये सभी मरीज आईसीयू में भर्ती थे। जब आईसीयू की यह हालत है, तो दूसरे वार्डो में बदइंतजामी और लापरवाही का पैमाना हम आसानी से समझ सकते हैं। दरअसल, किसी भी देश में स्वास्थ्य का अधिकार जनता का सबसे पहला बुनियादी अधिकार होता है, लेकिन भारत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में रोजाना हज...