गर्भपात कानून में बदलाव जरूरी,क्या हम इस दिशा में सोचेंगे?
कहते हैं कि मां बनना किसी भी महिला के लिए गर्व की बात होती है। कम से कम हमारे बुजुर्गो ने तो यही सिखाया है हमें। गर्भवती महिलाओं के लिए तमाम तरीके और कायदे-कानून होते हैं। यह भी बताया जाता है कि बच्चे को कैसे संभालना है, लेकिन एक बात बताइए अगर किसी बच्चे को ही यह जिम्मेदारी दे दी जाए तो क्या होगा? बहरहाल, अपने मामा की हवस का शिकार हुई 10 साल की बच्ची ने एक बच्चे को जन्म दिया है। यह जन्म सिजेरियन से हुआ। बच्चे का वजन कम है और उसे आईसीयू में रखा गया है। मां बनने वाली यह वही बच्ची है, जिसे पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कानून का हवाला देते हुए गर्भपात की मंजूरी देने से इंकार कर दिया था। मगर सवाल यह है कि क्या वह बच्चे को संभाल पाएगी? रेप की वजह से जन्मे बच्चे को समाज में खड़ा कर पाएगी? हम सिर्फ कानून का हवाला देकर कब तक बच्चियों को मां बनने का अधिकार देते रहेंगे? यह ऐसे ज्वलंत सवाल हैं, जिनका हल अब हमें ढूंढना ही होगा, वह भी जल्द से जल्द। इस मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। रिश्ते के मामा ने बच्ची का रेप कर दिया था, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। इस बात का खुलासा पीड़िता की हालत बिगड...