गंभीर जल संकट की आहट
आज विश्व जल दिवस (World Water Day)है, मगर हमारी लापरवाही और पानी बचाने के प्रति सजगता न दिखाया जाना, गंभीर संकट की ओर इशारा कर रहा है। दुनिया भर की सरकारों को पानी की आपूर्ति और गुणवत्ता बेहतर करने के लिए हरित नीति पर जोर देना चाहिए क्योंकि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती वैश्विक जनसंख्या के चलते अरबों लोगों के समक्ष पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। अगर हम अब भी नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ी के लिए विनाश का कारण बनेंगे। भारत में ‘जल ही जीवन है’ का मुहावरा काफी प्रचलित है, लेकिन इसका वास्तविक अर्थ देश की अधिकांश जनसंख्या को पता नहीं है, क्योंकि वे पानी के महत्व को न ठीक से समझते हैं न ही ठीक से समझना चाहते हैं। पानी के बिना जिंदगी की क्या स्थिति हो जाती है इसे पिछले कुछ महीनों से केपटाउन में आए भयंकर जलसंकट से समझा जा सकता है। जहां भंयकर जल संकट की वजह से आपातकाल जैसे हालात हो गए हैं। वह दिन दूर नहीं जब करीब 40 लाख की आबादी वाले इस शहर का पानी पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इस दिन को कुछ लोग ‘डे जीरो’ कह रहे हैं। डे जीरो यानी जिस दिन पानी मिलना बिल्कुल ही बंद हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इ...