कुप्रथा हैं ‘बहुविवाह, ‘निकाह हलाला’
राजएक्सप्रेस, भोपाल। पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इराक, ईरान, ट्यूनीशिया, मलेशिया और अल्जीरिया जैसे मुस्लिम आबादी बाहुल्य देशों में धर्मनिरपेक्ष पारिवारिक कानून हैं, जो सभी पर अमल में आते हैं, लेकिन भारत में आज भी यह लागू हैं। कई मुसलिम देशों में ‘बहुविवाह’ प्रथा को नियंत्रित किया गया है या बिल्कुल खत्म कर दिया है। तुर्की और ट्यूनीशिया में ‘बहुविवाह’को गैरकानूनी (Polygamy Nikah Halala)करार दिया गया है। मुस्लिम समाज में प्रचलित ‘बहुविवाह’ और ‘निकाह हलाला’ (Polygamy Nikah Halala) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अब संविधान पीठ विचार करेगी। सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ का गठन करने का ऐलान किया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने समानता के अधिकार का हनन और लैंगिक न्याय समेत कई बिंदुओं पर दायर जनहित याचिकाओं पर विचार करते हुए केंद्र सरकार और विधि आयोग को भी नोटिस जारी कर उनसे इस संबंध में जवाब मांगा है। इससे पहले पिछले साल अगस्त में पांच सदस्यीय संविधान पीठ के...

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